जोरदार कथन सूचक वाक्य -3

जोरदार कथन सूचक वाक्य

अब इन वाक्यों पर विचार करें

  1. मोहन न केवल पढ़ता है बल्कि समझता भी है।
  2. मोहन न केवल सुन्दर है बल्कि तेज भी है।
  3. मोहन न केवल छात्र है बल्कि नेता भी है।

ऐसे वाक्यों के दो भाग होते हैं। पहले भाग में सिर्फ / केवल + क्रिया/ विशेषण/संज्ञा का प्रयोग होता है और दूसरे भाग में बल्कि / वरन क्रिया/ विशेषण/ संज्ञा आता है। इस प्रकार के वाक्यों में दूसरे भाग पर अधिक जोर डाला जाता है, अर्थात ऐसी क्रिया / विशेषण/संज्ञा को अधिक जोरदार ( emphatic ) बनाया जाता है। इनकी बनावट होती है

  • न केवल/न सिर्फ + क्रिया/विशेषण/संज्ञा + बल्कि/वरन् + क्रिया/विशेषण/संज्ञा

इनका अनुवाद होता है-

  • …not only + verb/adjective/noun + but also + verb/adjective/noun
  • Mohan not only reads but also understands.
  • Mohan is not only beautiful but also intelligent.
  • Mohan is not only a student but also a leader.

इनका अनुवाद इस प्रकार भी हो सकता है-

  • Sentence [with not only + verb/adjective/noun] + Sentence [with verb/adjective/noun + as well]
  • मोहन न केवल सुन्दर है, बल्कि तेज भी है।
  • Mohan is not only beautiful, he is intelligent as well.
  • मोहन न केवल छात्र है. बल्कि नेता भी है।
  • Mohan is not only a student, he is a leader as well.

ध्यान दें (a) ऐसे वाक्यों में not only…..but also या as well के साथ उपयुक्त शब्दों का प्रयोग होता है, अर्थात दोनों ओर एक ही प्रकार के शब्द का प्रयोग होता है। इसलिए अनमेल या बेमेल शब्दों का प्रयोग इस प्रकार न करें-

  • Not only Mohan is a student but also a leader. (wrong)
  • Not only Mohan reads but also plays. (wrong)

(b). कुछ वाक्यों में केवल बल्कि/वरन का प्रयोग होता है और न केवल/न सिर्फ नहीं आता। ऐसे बल्कि/वरन का अर्थ होता है के विपरीत। इस प्रकार के बल्कि का अर्थ होता है— On the contrary; जैसे,

  • उसने मेरा नुकसान नहीं किया, बल्कि / वरन मेरी मदद की।
  • He didn’t harm me; on the contrary, he helped me.
  • उसने मेरी मदद नहीं की, बल्कि / वरन मेरा नुकसान किया।
  • He didn’t help me; on the contrary, he harmed me.

(c). कुछ वाक्यों में सिर्फ/केवल + संज्ञा/सर्वनाम/क्रिया/विशेषण आता है। इनका अनुवाद होता है – only; जैसे,

  • केवल मोहन पढ़ता है। Only Mohan reads.
  • मोहन केवल पढ़ता है। Mohan only reads.
  • मोहन केवल सुन्दर है। Mohan is only beautiful.

Translate into English.

  1. वह न केवल पढ़ता है बल्कि लिखता भी है।
  2. वह न केवल आई बल्कि मिठाइयाँ भी लाई ।
  3. उसने न केवल मेरा आदर किया वरन मेरी मदद भी की।
  4. उसने न केवल मुझे भोजन दिया बल्कि कपड़े भी ।
  5. यह पुस्तक न केवल समझने में आसान है बल्कि सस्ती भी।
  6. यह पुस्तक न केवल उपयोगी है वरन मनोरंजक भी।
  7. यह लड़की न केवल लंबी है वरन मोटी भी ।
  8. यह घर न केवल सुन्दर है बल्कि मजबूत भी ।
  9. दूध न केवल भोजन है वरन दवा भी ।
  10. गाय न केवल एक जानवर है बल्कि हमारी माता भी।

अब इन वाक्यों को लें

  1. खेत का खेत बह गया।
  2. गाँव का गाँव जल गया।

ऐसे वाक्यों में संज्ञा + का + संज्ञा के प्रयोग से वाक्य जोरदार बन जाते है। इनकी बनावट होती है—

  • संज्ञा + का + संज्ञा + क्रिया

इनका अनुवाद होता है

  • Noun + after + noun + verb
  • Field after field was washed away.
  • Village after village was burnt down.

ध्यान दें (a) ऐसे वाक्यों में दोनों ही nouns singular रहते हैं और इनके साथ article का प्रयोग नहीं होता। इस प्रकार के दोनों nouns मिलकर वाक्य में कर्ता का काम करते हैं।

अब इन वाक्यों पर विचार करें

  1. दिन पर दिन बीतता गया।
  2. दुःख पर दुःख आता रहा।

ऐसे वाक्यों में संज्ञा + पर + संज्ञा का प्रयोग होता है। इनकी बनावट होती है-

  • संज्ञा + पर + संज्ञा + क्रिया

इनका अनुवाद होता है-

  • Noun + after + noun + verb
  • Day after day rolled on.
  • Sorrow after sorrow continued.

ध्यान दें ऐसे वाक्यों में दोनों ही nouns singular रहते हैं ये और दोनों मिलकर वाक्य में कर्ता का काम करते हैं।

Translate into English.

  1. जंगल का जंगल कट गया।
  2. पेड़ का पेड़ गिर गया।
  3. घर का घर जल गया।
  4. शहर का शहर बरबाद हो गया।
  5. देश का देश गरीब बन गया।
  6. घंटे पर घंटा बीत गया।
  7. वर्ष का वर्ष बीत गया।
  8. उसे ठोकर पर ठोकर मिलती रही।
  9. उसे अपमान पर अपमान मिलता रहा।
  10. उसे इनाम पर इनाम मिलता रहा।

Hints: ठोकर = kick, अपमान = insult, इनाम = reward, मिलना

अब इन वाक्यों को देखें

  1. यह दवाओं की दवा है।
  2. वह राजाओं का राजा है।

ऐसे वाक्यों में बहुवचन संज्ञा + एकवचन संज्ञा का प्रयोग होता है और वाक्य बहुत जोरदार बन जाते हैं। इनकी बनावट होती है-

  • बहुवचन + संज्ञा + का/की + एकवचन संज्ञा + क्रिया

इनका अनुवाद होता है-

  • Subject + verb + singular noun + of + plural noun
  • This is the medicine of medicines.
  • He is the king of kings.

Translate into English.

  1. ईश्वर राजाओं का राजा है।
  2. वह नौकरों का नौकर है।
  3. वह शिक्षकों का शिक्षक था।
  4. वह कवियों का कवि है।
  5. वह नेताओं का नेता है।
  6. यह त्योहारों का त्योहार है।

अब इन वाक्यों को देखें

  1. यह भोजन का भोजन है और दवा की दवा ।
  2. यह मनोरंजन का मनोरंजन है और उपदेश का उपदेश ।

ऐसे वाक्यों में दो बार संज्ञा + का/की + संज्ञा का प्रयोग होता है और ये दोनों और/तथा से जुटे रहते हैं। इनकी बनावट होती है-

  • संज्ञा + का/की + संज्ञा + और/तथा + संज्ञा + का/की + संज्ञा

इनका अनुवाद होता है-

  • Subject + verb + both + noun + and + noun
  • It is both a food and a medicine.
  • It is both an entertainment and an instruction

ऐसे वाक्यों में it is के बदले it serves का भी प्रयोग होता है; जैसे,

  • It serves both as a food and a medicine.
  • It serves both as an entertainment and an instruction.

Translate into English.

  1. यह किताब की किताब है और दोस्त का दोस्त।
  2. यह नौकर का नौकर है और मैनेजर का मैनेजर।
  3. वह पिता का पिता है और शिक्षक का शिक्षक ।
  4. यह धोती की धोती है और साड़ी की साड़ी ।
  5. यह रिक्शा का रिक्शा है और घर का घर ।
  6. यह क्लब का क्लब है और पुस्तकालय का पुस्तकालय ।
  7. यह कलम की कलम है और पेंसिल की पेंसिल ।

जोरदार कथन सूचक वाक्य

अब इन वाक्यों को लें

  1. घर-घर में खुशी है।
  2. अंग-अंग में दर्द है।
  3. वह कदम-कदम पर हाँफता है।
  4. वह डेग-डेग पर बाधा डालता है।

ऐसे वाक्यों में संज्ञा + संज्ञा + में/पर का प्रयोग होता है और इनके बीच hyphen आता है। इस प्रकार के वाक्यों से स्थान को जोरदार बनाया जाता है। इनकी बनावट होती है-

  • संज्ञा + संज्ञा + में/पर + कर्ता + क्रिया
  • कर्ता + संज्ञा + संज्ञा + में/पर + क्रिया

इनका अनुवाद होता है-

  • Subject + verb + in/at + each and every + noun
  • There is happiness in each and every home.
  • There is pain in each and every limb.
  • He pants at each and every step.

Translate into English.

  1. वह डेग-डेग पर बाधा डालता है।
  2. वह मुझे कदम-कदम पर रोकती है।
  3. पत्ती – पत्ती में हरापन है।
  4. घर-घर में चिंता है।
  5. पंक्ति पंक्ति में गलती है।
  6. कण-कण में भगवान हैं।
  7. गाँव-गाँव में गरीबी है।
  8. गली-गली में बसन्त है।
  9. देश-देश में गरीबी है।
  10. पेड़-पेड़ पर बंदर हैं।

अब इन वाक्यों को लें

  1. गली-गली गंदी है।
  2. गाँव-गाँव उदास लगता है।

ऐसे वाक्यों में संज्ञा + संज्ञा का प्रयोग होता है और इनके बीच hyphen आता है। ऐसे वाक्यों में कर्ता को जोरदार बनाया जाता है, क्योंकि संज्ञा + संज्ञा वाक्य में कर्ता की तरह प्रयुक्त होता है। इनकी बनावट होती है-

  • संज्ञा + संज्ञा + अन्य शब्द + क्रिया

इनका अनुवाद होता है-

  • Each and every + noun + verb + other words
  • Each and every lane is dirty.
  • Each and every village looks sad.

ध्यान दें ऐसे वाक्यों में संज्ञा + संज्ञा के बाद में/पर नहीं आता। इसलिए अनुवाद in/at का प्रयोग नहीं होता।

Translate into English.

  1. एक-एक बूँद खून अमूल्य है।
  2. घर-घर दुःखी है।
  3. अंग-अंग कमजोर है।
  4. गाँव-गाँव तरक्की कर रहा है।
  5. बच्चा-बच्चा भूखा है।
  6. कण-कण महत्त्वपूर्ण है।
  7. गली-गली साफ की जा रही है।
  8. खेत-खेत सूखा है।

अब इन वाक्यों को लें

  1. शत्रु तो शत्रु, मित्रों ने भी मेरी मदद नहीं की।
  2. शत्रु का क्या कहना, मित्रों ने भी मेरी मदद नहीं की।
  3. शत्रु को कौन कहे, मित्रों ने भी मेरी मदद नहीं की।
  4. मदद करने का क्या कहना, वह मुझसे बोला भी नहीं।
  5. मदद करने को कौन कहे, वह मुझसे बोला भी नहीं।
  6. मदद करना तो दूर रहा, वह मुझसे बोला भी नहीं।

ऐसे वाक्यों में संज्ञा/क्रिया को जोरदार बनाया जाता है। इनकी बनावट होती है—

  • संज्ञा + तो + संज्ञा + वाक्य
  • संज्ञा + का क्या कहना + वाक्य
  • संज्ञा + को कौन कहे + वाक्य
  • क्रिया + का क्या कहना + वाक्य
  • क्रिया + को कौन कहे + वाक्य
  • क्रिया + तो दूर रहा + वाक्य

इनका अनुवाद होता है—

  • Not to speak of + noun/verb + ing + sentence
  • Let alone + noun/verb + ing + sentence
  • Not to speak of enemies, even friends didn’t help me.
  • Let alone enemies, even friends didn’t help me
  • Not to speak of helping me, he didn’t even speak to me.

इनका अनुवाद इस प्रकार भी होता है-

  • Sentence + much less/much more + other words.
  • Even friends didn’t help me, much less enemies.
  • He didn’t speak to me much more help me.
  • कोट तो कोट उसे एक कमीज भी नहीं है ।
  • Not to speak of a coat, he doesn’t have even a shirt.
  • Let alone a coat, he doesn’t have even a shirt.
  • He doesn’t have even a shirt, much less a coat.
  • गहना तो गहना उसे साधारण चूड़ियाँ भी नहीं है।
  • गहने का क्या कहना, उसे साधारण चूड़ियाँ भी नहीं हैं।
  • गहना तो दूर रहा, उसे साधारण चूड़ियाँ भी नहीं हैं।
  • Not to speak of ornaments, she doesn’t have even common bangles.
  • Let alone ornaments, she doesn’t have even common bangles.
  • She doesn’t have common bangles, much less ornaments.
  • दोस्तों को कौन कहे मैं तो शत्रु की भी मदद करता हूँ।
  • I help even enemies, much more friends.

ध्यान दें अनुवाद में not to speak of के बदले what to speak of या what to say का प्रयोग नहीं होता।

Translate into English.

  1. कार्यकर्ता तो कार्यकर्ता, बड़े नेता भी बेईमान हैं।
  2. किरानियों का क्या कहना, बड़े अफसर भी घुस लेते हैं।
  3. छात्रों को कौन कहे, उनके अभिभावक भी परीक्षा भवन में चोरी करते हैं।
  4. मद्रासियों का क्या कहना, बिहारी भी हिन्दी नहीं बोलते हैं।
  5. समाचारपत्र तो समाचारपत्र, रेडियो भी गलत खबर प्रसारित करता है।
  6. आदमी को कौन कहे, मैं तो जानवरों को भी प्यार करता हूँ।
  7. मनुष्य का क्या कहना, पेड़-पौधे भी सुख-दुख अनुभव करते हैं।
  8. मक्खन-रोटी तो दूर रहा, उसे सूखी रोटी भी नहीं मिलती।
  9. मित्र तो मित्र, मैं शत्रु से भी बदला नहीं लेता।
  10. सूट तो सूट, उसे एक साधारण कमीज भी नहीं है।

Hints: कार्यकर्ता = worker, अभिभावक = guardian, सुख-दुख का अनुभव करना feel pain and pleasure, बदला लेना = to take revenge, साधारण = ordinary

अब इन वाक्यों को लें

  1. क्या शिक्षक, क्या छात्र सबके सब मौजूद थे।
  2. क्या गरीब, क्या अमीर सबको मरना है।
  3. क्या तेल, क्या घी सब कुछ महँगा है।

ऐसे वाक्यों में क्या + संज्ञा + क्या + संज्ञा का प्रयोग है और इससे संज्ञा की संख्या (number) या मात्रा (quantity) को जोरदार बनाया जाता है। इनकी बनावट होती है-

  • क्या + संज्ञा, क्या + संज्ञा + सब/सब कुछ + क्रिया

इनका अनुवाद होता है—

  • Whether + noun + or + noun + all everything + verb
  • Whether teachers or students all were present.
  • Whether oil or ghee everything is dear.

Translate into English.

  1. क्या कार्यकर्ता क्या नेता सब बेईमान हैं।
  2. क्या बूढ़े क्या बच्चे सब वहाँ मौजूद थे।
  3. क्या दूध क्या पानी सब कुछ अशुद्ध है।
  4. क्या गरीब क्या अमीर सब दुखी है।
  5. क्या मर्द क्या औरत सब इस फिल्म को पसन्द करते हैं।
  6. क्या बिहार क्या बंगाल सब जगह तेल की कमी है।
  7. क्या डाक्टर क्या मरीज सबको मरना है।
  8. क्या मछली क्या माँस सब कुछ महँगा है।
  9. क्या बस क्या ट्रेन सब जगह भीड़ है।
  10. क्या शिक्षक क्या छात्र इस पुस्तक की सब प्रशंसा करते हैं।

Hints: अशुद्ध = impure, कमी = shortage, भीड़ = rush

अब इन वाक्यों को देखें

  1. वह कभी हँसता है, कभी रोता है।
  2. वह कभी गाती है, कभी हँसती है।

ऐसे वाक्यों में कभी + क्रिया + कभी + क्रिया का प्रयोग होता है और इससे क्रिया को जोरदार बनाया जाता है। इनकी बनावट होती है

  • कर्ता + कभी + क्रिया + कभी + क्रिया

इनका अनुवाद होता है-

  • Now + subject + verb + now + subject + verb
  • Now he laughs now he cries.
  • Now she sings now she laughs.

Translate into English.

  1. वह कभी उठता है, कभी बैठता है।
  2. वह कभी सोता है, कभी उठता है।  
  3. वह कभी हँसता है, कभी रोता है।
  4. वह कभी पढ़ता है, कभी लिखता है।
  5. वह कभी दौड़ती है, कभी कूदती है।
  6. वह कभी हँसती है, कभी मुस्कुराती है।
  7. वह कभी बेचता है, कभी खरीदता है।

अब इन वाक्यों पर विचार करें

  1. मैं स्वयं /खुद/आप ही चाय बनाऊँगा ।
  2. वह स्वयं / खुद / आप ही भोजन बनाती है।

ऐसे वाक्यों में संज्ञा/सर्वनाम + स्वयं/खुद/आप ही का प्रयोग होता है और इनसे यह बोध होता है कि कर्ता स्वयं/खुद/आप ही कार्य करता है, कोई दूसरा नहीं। इस प्रकार इस विधि से कर्ता को जोरदार (emphatic) बनाया जाता है। इनकी बनावट होती है-

  • कर्ता + स्वयं/खुद / आप ही + अन्य शब्द + क्रिया

इनका अनुवाद होता है-

  • Subject + pronoun + self/selves + verb + other words
  • I myself will make tea.
  • She herself cooks food.
  • Subject + verb + other words + pronoun + self/selves
  • I will make tea myself.
  • She cooks food herself.

ध्यान दें

(a) एसे pronoun + self/selves emphatic emphasizing pronoun कहा जाता है।

(b) कुछ वाक्यों में स्वयं /खुद/आप ही का अर्थ होता है- स्वतः/अपने-आप। इसका अनुवाद होता है- Subject + verb + of + pronoun + self /selves या automatically; जैसे,

  • यह फाटक खुद ही/आप ही बंद हो जाता है।
  • This gate closes of itself.
  • वह इंजन खुद ही/आप ही चलने लगी।
  • That engine started of itself.

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